Movie prime

हम इंतजार करेंगे कयामत तक…CM योगी के बयान पर अखिलेश यादव का फिल्मी अंदाज में तंज, पीसी में बजा ये फेमस सॉन्ग

 
हम इंतजार करेंगे कयामत तक….CM योगी के बयान पर अखिलेश यादव का फिल्मी अंदाज में तंज, पीसी में बजा ये फेमस सॉन्ग
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Lucknow : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'कयामत' वाले बयान पर अनोखे अंदाज में जवाब दिया। बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधे आरोप-प्रत्यारोप की बजाय फिल्म 'बहू बेगम' का मशहूर गीत 'हम इंतजार करेंगे कयामत तक' बजाया गया। इस दौरान मंच पर लगी बड़ी स्क्रीन पर गाने का वीडियो लगातार चलता रहा, जबकि सपा नेता और कार्यकर्ता ध्यान से इसे देखते रहे। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और लोग इसे सियासी तंज के रूप में देख रहे हैं।

गाना बजाकर दिया संदेश  

प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा की तरफ से कोई औपचारिक बयान नहीं दिया गया, लेकिन गाने के जरिए संदेश साफ था कि सपा सरकार के बयानों और नीतियों का लंबे समय तक जवाब देने और संघर्ष करने के लिए तैयार है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह तरीका जनता का ध्यान खींचने और अपनी बात को सरल लेकिन प्रभावी रूप से रखने का प्रयास है। अखिलेश यादव अक्सर राजनीतिक संदेश देने के लिए अलग-अलग अंदाज अपनाते रहे हैं और यह भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस घटनाक्रम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया सियासी संदेश दिया है, जहां विरोध अब सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रतीकों और सांस्कृतिक संदर्भों के जरिए भी किया जा रहा है।

सीएम योगी का बयान क्या था?  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अपने बयान में 'कयामत' शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा, "कयामत कभी नहीं आएगी। जो लोग बाबरी ढांचे को लेकर पुराने सपने देख रहे हैं, उन्हें यह समझ लेना चाहिए कि कयामत तक भी वह दिन कभी नहीं आने वाला।" सीएम योगी ने आगे कहा, "कयामत के इंतजार में मत जियो। हिंदुस्तान में कायदे और कानून से रहोगे तो फायदे में रहोगे। लेकिन अगर कोई नियम तोड़ता है, तो रास्ता उसे सीधे नर्क की ओर ले जाएगा। कानून तोड़कर अगर कोई स्वर्ग जाने का सपना देख रहा है, तो उसका सपना कभी पूरा नहीं हो सकता है।" उनके इस बयान का मकसद समाज में शांति, व्यवस्था और विकास के लिए कानून का पालन सुनिश्चित करना था।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

सीएम के बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी। अखिलेश यादव ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, लेकिन सीधे आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने की बजाय नया अंदाज अपनाया। इस पूरी प्रेस कॉन्फ्रेंस ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया सियासी संदेश दिया है। जहां विरोध अब सिर्फ भाषणों तक सीमित नहीं, बल्कि प्रतीकों और सांस्कृतिक संदर्भों के जरिए भी किया जा रहा है।