कौन हैं धनराज नथवानी? जिन्हें अखिलेश ने दिया राज्यसभा का टिकट, अंबानी परिवार और शाह से क्या है कनेक्शन?
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक ऐसा नाम सामने रखा है, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों से लेकर कॉर्पोरेट जगत तक हो रही है। सपा ने वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव के साथ उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी को राज्यसभा का उम्मीदवार घोषित किया है। धनराज रिलायंस समूह से जुड़े हैं और अंबानी परिवार के करीबी माने जाते हैं। इसके अलावा उनका केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उनके बेटे जय शाह से भी खेल प्रशासन के जरिए जुड़ाव रहा है।
सपा के इस फैसले को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर धनराज नथवानी कौन हैं? उनका अंबानी परिवार और शाह परिवार से क्या संबंध है? और उनके पिता को एनडीए का समर्थन मिलने के कुछ ही महीनों बाद अखिलेश यादव ने उन्हें राज्यसभा का प्रत्याशी क्यों बनाया है?
कौन हैं धनराज नथवानी?
धनराज परिमल नथवानी कारोबारी जगत और खेल प्रशासन से जुड़ा नाम हैं। वह राज्यसभा सांसद एवं उद्योगपति परिमल नथवानी के बेटे हैं। उनके पिता रिलायंस इंडस्ट्रीज में कॉर्पोरेट मामलों के निदेशक हैं। वहीं, धनराज खुद भी रिलायंस समूह की कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
धनराज ने लंदन के रीजेंट बिजनेस स्कूल से इंटरनेशनल बिजनेस की पढ़ाई की है। इसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से कॉर्पोरेट लॉ और पब्लिक रिलेशन मैनेजमेंट में एमबीए किया। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, वह रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के निदेशक हैं। इसके अतिरिक्त खेल, पर्यटन, पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कार्यों में भी उनकी सक्रियता रही है।
अंबानी परिवार से क्या है कनेक्शन?
धनराज नथवानी की पहचान का एक महत्वपूर्ण पहलू रिलायंस समूह और अंबानी परिवार से उनके संबंध हैं। उनके पिता परिमल नथवानी लंबे समय से रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े हैं। वहीं, धनराज भी रिलायंस इंडस्ट्रीज में ग्रुप प्रेसिडेंट सहित कई महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
धनराज की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, वह साल 2010 से रिलायंस समूह की विभिन्न कंपनियों से जुड़े रहे हैं। राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में उन्हें अंबानी परिवार का करीबी बताया गया है। ऐसे में समाजवादी पार्टी की ओर से उनकी उम्मीदवारी ने राजनीतिक और कारोबारी क्षेत्रों का ध्यान खींचा है।
अमित शाह और जय शाह से क्या है संबंध?
धनराज नथवानी का केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उनके बेटे जय शाह से संबंध गुजरात के क्रिकेट प्रशासन से जुड़ा है।
दरअसल, धनराज नवंबर 2022 में गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन (GCA) के अध्यक्ष चुने गए थे। इससे पहले वह इसी संस्था के उपाध्यक्ष थे। दिलचस्प बात यह है कि जिस पद पर धनराज की नियुक्ति हुई, उस पद पर पहले अमित शाह रह चुके थे।
अध्यक्ष बनने के बाद धनराज ने अमित शाह और जय शाह का आभार भी जताया था। उन्होंने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम के निर्माण में अमित शाह, जय शाह और अपने पिता परिमल नथवानी के योगदान का उल्लेख किया है। हालांकि, इन पेशेवर संबंधों के आधार पर उनके बीच निजी दोस्ती या किसी राजनीतिक समझौते की पुष्टि नहीं होती।
पिता को एनडीए का समर्थन, बेटे को अखिलेश ने दिया टिकट
इस पूरे घटनाक्रम का एक दिलचस्प पहलू धनराज के पिता परिमल नथवानी का राजनीतिक सफर भी है। जून 2026 में झारखंड की दो राज्यसभा सीटों पर हुए चुनाव में परिमल नथवानी एनडीए समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे थे।
18 जून को घोषित नतीजों में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को पराजित किया था। इस चुनाव में विपक्षी गठबंधन के विधायकों की क्रॉस वोटिंग भी चर्चा में रही थी।
अब महज तीन महीने बाद उनके बेटे धनराज नथवानी को अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी से राज्यसभा का टिकट दिया है। पिता को एनडीए का समर्थन और बेटे को सपा की उम्मीदवारी मिलने से नथवानी परिवार के विभिन्न राजनीतिक दलों से संबंध चर्चा का विषय बन गए हैं।
अखिलेश यादव के फैसले के क्या हैं राजनीतिक मायने?
समाजवादी पार्टी ने एक तरफ अपने वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव को फिर से उम्मीदवार बनाया है, तो दूसरी तरफ कॉर्पोरेट और खेल प्रशासन से जुड़े धनराज नथवानी को मौका दिया है।
इस चयन को पार्टी के परंपरागत राजनीतिक दायरे से बाहर के व्यक्ति को प्रतिनिधित्व देने के रूप में देखा जा सकता है। हालांकि, धनराज की उम्मीदवारी के पीछे अखिलेश यादव की रणनीति क्या है और क्या इसका किसी व्यापक राजनीतिक गठजोड़ से संबंध है, इस बारे में पार्टी की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल, धनराज नथवानी की उम्मीदवारी ने उनके कारोबारी संबंधों के साथ-साथ गुजरात के क्रिकेट प्रशासन और विभिन्न राजनीतिक दलों से उनके परिवार के जुड़ाव को भी चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
16 अक्टूबर को होगा राज्यसभा चुनाव
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 अक्टूबर 2026 को मतदान होना है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। आवश्यकता पड़ने पर 16 अक्टूबर को मतदान के बाद उसी दिन मतगणना होगी।
