योगी कैबिनेट विस्तार: 6 नए मंत्रियों ने ली शपथ, हंसराज विश्वकर्मा और मनोज पांडे को बड़ी जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार हुआ। लखनऊ में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 6 नए मंत्रियों ने शपथ ली। भूपेंद्र चौधरी और मनोज पांडे कैबिनेट मंत्री बने, जबकि हंसराज विश्वकर्मा समेत कई नेताओं को नई जिम्मेदारी मिली। 2027 चुनाव से पहले इसे बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से चर्चा में चल रहा योगी मंत्रिमंडल विस्तार आखिरकार रविवार को पूरा हो गया। राजधानी लखनऊ स्थित जन भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में 6 नए मंत्रियों ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। इस विस्तार के साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैबिनेट अब पूरी क्षमता यानी 60 मंत्रियों तक पहुंच गई है।
इस मंत्रिमंडल विस्तार को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की बड़ी राजनीतिक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। जातीय और क्षेत्रीय संतुलन साधने के उद्देश्य से अलग-अलग सामाजिक वर्गों से नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
इन नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथ
शपथ ग्रहण समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेता भूपेंद्र सिंह चौधरी और रायबरेली के विधायक मनोज पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वहीं अजीत सिंह पाल और सोमेंद्र तोमर ने राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में शपथ ली।
इसके अलावा कृष्णा पासवान और वाराणसी से एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा को राज्य मंत्री बनाया गया। समारोह में भाजपा नेताओं, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी रही।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद तय हुआ विस्तार
मंत्रिपरिषद विस्तार से एक दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से जन भवन में शिष्टाचार मुलाकात की थी। इसी मुलाकात के बाद कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं पर मुहर लग गई थी।
राजभवन की ओर से जारी बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को “भारतीय ज्ञान परंपरा अवधारणा” पुस्तक भी भेंट की। इसके बाद रविवार को नए मंत्रियों के शपथ ग्रहण की औपचारिक घोषणा कर दी गई।
2027 चुनाव से पहले जातीय समीकरण साधने की कोशिश
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भाजपा ने इस विस्तार में जातीय और सामाजिक समीकरणों को विशेष महत्व दिया है। ओबीसी, दलित और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को ध्यान में रखते हुए नए चेहरों को मौका दिया गया।
भूपेंद्र सिंह चौधरी को पश्चिमी यूपी के जाट चेहरे के रूप में देखा जाता है, जबकि हंसराज विश्वकर्मा पूर्वांचल में विश्वकर्मा समाज के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। कृष्णा पासवान के जरिए दलित वोट बैंक को साधने की कोशिश दिखाई दे रही है।
यूपी में अब मंत्रियों की संख्या हुई 60
उत्तर प्रदेश विधानसभा में संवैधानिक प्रावधानों के तहत अधिकतम 60 मंत्री बनाए जा सकते हैं। मंत्रिमंडल विस्तार से पहले कुछ पद रिक्त थे, जिन्हें अब भर दिया गया है।
वर्तमान में योगी सरकार में मुख्यमंत्री और दो उपमुख्यमंत्रियों समेत कुल 60 मंत्री हो चुके हैं। राजनीतिक रूप से यह विस्तार भाजपा संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है।
अखिलेश यादव ने साधा निशाना
मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए तंज कसा कि “दिल्ली से पर्ची आ गई क्या? उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार और उपमुख्यमंत्रियों पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा।
उत्तराखंड के बाद यूपी में भी विस्तार
उत्तर प्रदेश से पहले मार्च में पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी मंत्रिमंडल विस्तार किया गया था। वहां भी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए नए मंत्रियों को शामिल किया गया था। अब यूपी में हुए इस विस्तार को भाजपा की चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नए समीकरण तैयार करने में जुटी हुई है।
