UP में जेन अल्फा की आवाज सुनेगी योगी सरकार, बच्चों से सीधे संवाद करेंगे अफसर
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों से स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर छोटे-छोटे स्कूली बच्चों के प्रदर्शन के मामले सामने आने के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे गंभीरता से लिया है। शासन ने अधिकारियों को स्कूलों से जुड़ी हर शिकायत की जांच करने और छात्रों व अभिभावकों से नियमित संवाद स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य सचिव एसपी गोयल के निर्देश पर अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी शर्मा ने प्रदेश के सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर मिलने वाली शिकायतों की गंभीरता से जांच की जाए।
गलत सूचना पर तत्काल करें खंडन
शासन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि यदि किसी शिकायत की जांच में सूचना गलत या भ्रामक पाई जाती है तो उसका तत्काल खंडन किया जाए। वहीं, वास्तविक शिकायत मिलने पर उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
अधिकारियों को स्कूली छात्रों और उनके अभिभावकों के साथ नियमित संवाद बनाए रखने को भी कहा गया है। उन्हें सीधे बच्चों और अभिभावकों से बातचीत कर स्कूलों में आने वाली समस्याओं की जानकारी लेने और उनके निस्तारण का प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
'जेन अल्फा' से संवाद करेंगे अधिकारी
शासन ने अधिकारियों को 'जेन अल्फा' यानी नई पीढ़ी के बच्चों की जरूरतों को समझने पर भी जोर दिया है। इसके लिए अधिकारियों को अपने क्षेत्र के स्कूलों का दौरा करने और वहां उपलब्ध सुविधाओं व व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने को कहा गया है।
अधिकारी बच्चों से पढ़ाई को लेकर भी बातचीत करेंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि शिक्षण का स्तर कैसा है और छात्रों को किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही है।
पढ़ाई से लेकर खानपान तक की होगी समीक्षा
प्रशासनिक अधिकारियों को स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई, शिक्षकों की उपलब्धता, शिक्षण व्यवस्था, खानपान और अन्य बुनियादी जरूरतों को समझने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य स्कूलों में शिक्षा और सुविधाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
लखनऊ में छात्राओं ने किया था प्रदर्शन
गौरतलब है कि हाल के दिनों में स्कूलों की व्यवस्थाओं को लेकर छात्रों के प्रदर्शन के मामले सामने आए हैं। लखनऊ में स्कूली छात्राओं ने शिक्षकों की कमी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इसके अलावा दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET परीक्षा से जुड़े प्रदर्शनों के बाद छात्रों के बीच अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठाने की सक्रियता भी देखने को मिली है।
