Movie prime

पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज: वाराणसी-चंदौली-मिर्जापुर में आंधी-बारिश से पेड़ गिरे और बिजली ठप

वाराणसी, चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में तेज आंधी और बारिश से मौसम सुहाना हो गया। तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, लेकिन कई जगह पेड़ गिरने, बिजली बाधित होने और जलजमाव से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रॉमा सेंटर के बाहर सड़क तालाब में बदल गई।

 
Varanasi News
WhatsApp Channel Join Now
Instagram Profile Join Now

Varanasi News: वाराणसी समेत पूरे पूर्वांचल में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश के बाद भीषण गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.9 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 19.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 6.8 डिग्री कम है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ती आर्द्रता और तापमान में गिरावट इस बात का संकेत है कि पूर्वांचल में प्री-मानसूनी गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं। आने वाले दिनों में उमस बढ़ सकती है, लेकिन तापमान में कमी बनी रहने की संभावना है। लोकल हीटिंग के कारण बादलों की सक्रियता बढ़ेगी और बीच-बीच में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

ट्रॉमा सेंटर के बाहर जलजमाव से मरीज परेशान

शुक्रवार सुबह हुई बारिश के बाद वाराणसी के नगवा-लंका स्थित ट्रॉमा सेंटर के मुख्य द्वार के सामने भारी जलजमाव हो गया। सड़क पर पानी भरने के कारण मरीजों, उनके परिजनों और राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

पूर्वांचल, बिहार और झारखंड से रोजाना हजारों मरीज इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचते हैं, लेकिन हल्की बारिश में ही सड़क तालाब में बदल जाने से लोगों में नाराजगी देखने को मिली। जलजमाव के कारण सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देने से कई बाइक और ई-रिक्शा चालक फिसलकर घायल भी हुए।

स्थानीय युवा नेता अमन यादव ने नगर निगम और संबंधित विभागों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा बनारस को हजारों करोड़ की योजनाएं मिलने के बावजूद ट्रॉमा सेंटर जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर स्थायी जल निकासी की व्यवस्था नहीं हो पाई है। उन्होंने तत्काल सड़क मरम्मत, गड्ढों को भरने और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने की मांग की।

चंदौली में आंधी से गिरे पेड़, बिजली आपूर्ति बाधित

चंदौली जिले में गुरुवार देर रात करीब 3:45 बजे तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश शुरू हुई। तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ गिर गए और टीनशेड उड़ गए। सकलडीहा क्षेत्र में नीम का पेड़ गिरने से रास्ता बाधित हो गया।

आंधी के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। हालांकि किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है। सुबह धूप निकलने के बावजूद मौसम ठंडा बना रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली।

मिर्जापुर में तूफान का असर, आम की फसल को नुकसान

मिर्जापुर में भी मौसम बदलने के साथ तेज आंधी और बारिश का असर देखने को मिला। कई ग्रामीण इलाकों में पेड़ गिर गए और टीनशेड उड़ गए। हलिया क्षेत्र में यूकेलिप्टस का पेड़ बिजली के खंभे पर गिरने से तार टूट गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई।

मड़िहान क्षेत्र में सड़क पर पेड़ गिरने से कुछ समय तक आवागमन बाधित रहा। तेज हवाओं और बारिश से आम की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि तापमान में गिरावट आने से लोगों को उमसभरी गर्मी से राहत जरूर मिली।

सोनभद्र में बारिश से खत्म हुआ नौतपा का असर

सोनभद्र में शुक्रवार तड़के तेज आंधी और बारिश ने नौतपा के असर को लगभग खत्म कर दिया। भोर चार बजे शुरू हुई बारिश के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया और तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि तेज हवाओं के कारण कई जगह बिजली के पोल और तार टूट गए, जिससे विद्युत आपूर्ति बाधित हो गई। इसके अलावा कई इलाकों में पेड़ और टहनियां गिरने की भी सूचना है। बारिश और तेज हवाओं का असर मक्का और सब्जियों की फसलों पर भी पड़ा है।

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में पूर्वांचल के कई जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों पर न जाने की अपील की है।